आदत
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पुरा परिवार साथ बैठकर टी.वी. देख रहा था |
“मम्मी, आप छोटी थी तब क्या बनना चाहती थी?”, आवाज आई |
“मैं टी.वी. पे आना चाहती थी| एंकर बन्े का सपना था |”, कहकर मम्मी ने पुछा “तुम दोनो क्या बनना चाहते हो |”
“मैं फेसबुक पेज बनुंगा”,
“और मैं विकीपीडिया पेज बनुंगी “,
दोनों ने जवाब दिया |
पापा ने दोनो की बात पर कुछ कहा नहीं |
बेटी ने करीब जाकर पुछा, “पापा, आप कुछ नहीं बनना चाहते थे ?”
बेटी का सर सेहलाते हुए जवाब दिया ,” बेटे , मैं बनना तो .com चाहता था , पर आज .gov बनकर जी रहा हूँ |”
एक बडे ठहाके वाली हसी लेकर माँ ने कहा, “आज फिर किसी ट्रेवल ब्लोग को पढ़कर निकले हैं ऑफिस से , चलो बच्चों दुध पिकर सो जाऔ, पापा आज देर से सोएंगे | ”
टी .वी . बंद कर के माँ ने टेबल लेंप ज़लाकर दर्वाजा उढ़ेल दिया |